पुस्तक मेला ने बनाई अपनी अलग पहचान

जबलपुर, 7 अप्रैल। जिला प्रशासन द्वारा शहर के हृदय स्थल शहीद स्मारक प्रांगण, गोलबाजार में आयोजित किए जा रहे पुस्तक मेला में आज सोमवार को भी रियायती दरों पर पुस्तक, कॉपी एवं यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और अभिभावक पहुँचे। जबलपुर में इस बार बेहतर स्वरुप में आयोजित किए गए पुस्तक और गणवेश मेला ने अपनी अलग छाप छोडी है। पुस्तकों, कॉपियों, गणवेश और स्कूल बैग के स्टॉलों के अलावा बुक बैंक का स्टॉल तथा रोज शाम आयोजित किये जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं फूड जोन में लगाए गए तरह-तरह के व्यंजनों के स्टॉल मेले का आकर्षण बने रहे। पुस्तक और गणवेश मेले का समापन मंगलवार को होगा।
 पुस्तक मेला के चौदहवें दिन आज भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के जिला ग्रामीण अध्यक्ष श्री राजकुमार पटेल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर श्री पुष्पराज सिंह बघेल,  श्री रुपेश पटेल एवं जिला क्रीड़ा अधिकारी मधुमिता हाजरा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। श्री पटेल ने अपने संबोधन में पुस्तक मेला के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जबलपुर प्रदेश का पहला ऐसा जिला था जहाँ निजी स्कूलों, प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं के गठजोड़ को तोड़ने पिछले वर्ष पुस्तक मेला लगाने की शुरुआत की गई। जबलपुर द्वारा दिखाई गई इस राह को प्रदेश के अन्य जिलों ने भी अपनाया। राज्य शासन ने भी जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी जिलों में पुस्तक मेला लगाने के निर्देश जारी किये।
श्री पटेल ने पुस्तक मेला में लगाए गए बुक बैंक स्टॉल की भी सराहना की। उन्होंने बुक बैंक के स्टॉल से पाठ्य पुस्तकों की खरीदी पर बच्चों और अभिभावकों द्वारा दी जाने वाली राशि जिला रेडक्रॉस सोसायटी के खाते में जमा करना और इस राशि का उपयोग सामाजिक सरोकारों और सेवा के कार्यों में करना एक प्रशंसनीय और अनुकरणीय पहल बताया। इस अवसर पर स्कूली छात्र छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। जिसकी सभी कला प्रेमियों ने खूब सराहना की। मंचासीन अतिथियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर उनकी हौसला अफजाई भी की गई।