पुस्तक मेला लिख रहा सफलता की नई इबारत

जबलपुर, 3 अप्रैल। स्कूली बच्चों और अभिभावकों को न्यूनतम दरों पर पुस्तक, कॉपी एवं यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने गोलबाजार स्थित शहीद स्मारक भवन के प्रांगण में आयोजित किया जा रहा पुस्तक मेला सफलता की नई इबारत लिख रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 25 मार्च से 5 अप्रैल तक लगाए जा रहे बारह दिवसीय पुस्तक मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे और अभिभावक पहुंचकर शैक्षणिक सामग्री की खरीदी पर खासी छूट प्राप्त कर रहे हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की स्मृतियां भी अपनी यादों में हमेशा के लिए अंकित करने के साथ ही मेला स्थल पर बनाये गये फूड जोन में जाकर स्वादिष्ट व्यंजनों का जायका भी ले रहे हैं।
     पुस्तक मेला के आयोजन के दसवें दिन आज सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं चिकित्सक डॉ प्रदीप दुबे  ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में बाल कलाकारों द्वारा दी गईं एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियों ने कला प्रेमियों का मन मोह लिया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता करने वाले विभिन्न स्कूल के बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनका उत्साहवर्धन भी किया गया l
       कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ प्रदीप दुबे ने पुस्तक मेला के आयोजन के लिए जिला प्रशासन को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पुस्तक मेला को समाज को सशक्त करने वाला आयोजन बताया और कहा कि यहां बच्चों और अभिभावकों को पुस्तक, कॉपियां एवं अन्य शैक्षणिक सामग्रियां रियायती  दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉ दुबे ने अशिक्षा को गरीबी का मूल कारण बताया। उन्होंने प्रचलित कहावत एशियन टाइगर करवट बदल रहा है का जिक्र करते हुए कहा कि इस कहावत में एशियन टाइगर शब्द का प्रयोग भारत के विद्यार्थियों के लिए किया गया है। अमेरिका की सिलिकॉन वैली में कहा जाता है कि 21 वीं शताब्दी भारत के विद्यार्थियों के लिए है। भारत के विद्यार्थी जीवन में आने वाली कठिनाइयों को परास्त कर आज संपूर्ण विश्व में छाए हुए हैं। डॉ दुबे ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करने की आधी लड़ाई उनके माता पिता को लड़नी होती है।
        कलेक्टर दीपक सक्सेना की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा पुस्तक मेला जहाँ स्कूली बच्चों और अभिभावकों को महंगी कॉपी-किताबों से राहत दिलाने में कामयाब साबित हो रहा है, वहीं यहाँ हो रही अच्छी बिक्री से पुस्तक और गणवेश विक्रेताओं में भी उत्साह दिखाई दे रहा है। पुस्तक मेला में शिक्षा विभाग द्वारा लगाया गया बुक बैंक का स्टॉल लगातार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बड़ी संख्या में बच्चे इस स्टॉल पर पिछले वर्ष की किताबें दान करने आ रहे हैं। वहीं इस स्टॉल से एनसीईआरटी की पहली से पांचवी तक की पुस्तकों का पूर्व वर्ष का सेट 50 रुपए, कक्षा छठवीं से आठवीं तक का सेट 100 रूपए, कक्षा नौवीं एवं दसवीं का सेट 150 रुपए तथा कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं की पूर्व वर्ष की पुस्तकों का सेट मात्रा 200 रूपए में प्राप्त किया जा सकता है। पूर्व वर्ष की किताबों का सेट लेने वाले विद्यार्थियों से यह राशि भी दान स्वरूप ली जा रही है और इसे जिला रेडक्रॉस सोसायटी के खाते में जमा किया जा रहा है।
        पुस्तक मेला में अपनी बच्ची नित्या साहू के लिए शैक्षणिक सामग्री खरीदने आए पिता जितेंद्र साहू ने पुस्तक मेला के आयोजन की सराहना की। उन्होंने बताया कि यहां एक ही स्थान पर स्कूली शिक्षा से जुड़ी सारी सामग्रियां उपलब्ध हैं। उन्होंने मेला से पचास प्रतिशत की छूट पर कॉपियां खरीदी हैं। मेला में बाजारू कीमतों से अत्यंत कम दरों पर पुस्तक कॉपियाँ उपलब्ध हैं। श्री साहू ने बताया कि पुस्तक मेला में बच्चों की रुचि का पूरा ध्यान रखा गया है। अभिभावक परिवार के साथ यहाँ आकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठा सकते हैं, झूलों का आनंद ले सकते हैं और स्वादिष्ट व्यंजनों का जायका लेने के साथ पुस्तक, कॉपी और यूनिफार्म की खरीदी को यादगार बना सकते हैं।