ई-सिम के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से रहे सावधान, आपका बैंक खाता हो सकता है खाली

4 दिसंबर, उमरिया। पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने ई सिम फ्राड के बारे मे बताया कि इसमें सायबर अपराधी आपके बैंक रजिस्टर्ड नंबर बाली सिम को ई सिम में बदल कर आपके फ़ोन नंबर का इस्तेमाल करके ओटीपी या कॉल रिसीव कर सकते हैं जिससे कि आपके बैंक खाते से सारे पैसे निकल सकते है और साथ ही आपका नंबर यदि आधार से लिंक है तो आपका आधार भी सायबर अपराधियों द्वारा लॉक करा दिया जाता है जिससे आप अपनी सिम द्वारा नहीं निकाल सकते, इन सभी परेशानियों से बचने के लिये सिम अपडेट कराने या केवायसी कराने जैसे कॉल या मैसेज के झांसे में न आये।
समझते है कि कैसे काम करता है यह फ्राड का तरीका-
पहले स्टेप में सबसे पहले सायबर अपराधी आपके बैंक रजिस्टर्ड नंबर पर कंपनी जैसे दिखने बाले नंबर या अन्य नंबर से कॉल कर आपके नंबर को अपडेट कराने या केवायसी कराने हेतु ओटीपी लेते हैं।
दूसरे स्टेप में कॉल के अलावा अन्य एक तरीका यह भी है कि धोखेबाज आपके नंबर पर सिम अपडेट कराने या केवायसी कराने हेतु एपीके फाईल भेज सकते है। तीसरे स्टेप में आपके द्वारा कॉल पर ओटीपी बताये या एपीके फाइल डाउनलोड करने पर सायबर आपराधी आपके द्वारा उपयोग किये जा रहे नंबर को ई सिम में बदलवा लेते है जिसका उपयोग उनके द्वारा किया जाता है।
चौथे स्टेप में आपसे कहा जाता कि 24 से 48 घंटे में आपकी सिम पुनः चालू हो जायेगी जब तक आप कुछ समझे आपकी सिम का उपयोग सायबर अपराधियों द्वारा उपयोग कर बैंक से प्राप्त ओटीपी का इस्तेमाल करते हुये आपकी खाते से पैसे निकाल लिये जाते है। पांचवे स्टेेप मे आपका नंबर आधार पर लिंक होने पर आपके आधार को भी सायबर अपराधियों द्वारा प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लॉक करा दिया जाता है जिससे आप दूसरी सिम आसानी से नहीं निकाल पाते।
धोखाधड़ी से बचने के उपाय
सिम अपडेट कराने या केवायसी कराने जैसे कॉल या मैसेज के झांसे में न आये। आपके बैंक या आधार से लिंक नंबर को प्राप्त कॉल यदि संदिग्ध समझ में आये तो उनसे बात न करते हुये तुंरत ब्लाक करें। सिम अपडेट क्रराने या केवायसी कराने, रिचार्ज पर ऑफर पाने जैसे प्राप्त एपीके फाईल के भूलकर भी डाउनलोड न करे । यदि आपकी सिम इस तरीके से बंद हो तो तत्काल बैंक में इसकी सूचना देकर अपने खाते को होल्ड कराये। यदि आप धोखाधड़ी का शिकार हो जाते है बैंक से खाता स्टेटमेंट प्राप्त कर तुंरत 1930 पर शिकायत दर्ज कराते हुये नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करावे। जागरूकता ही सायबर अपराधो से सर्वश्रेष्ठ उपाय इसलिये जागरूक अपनी प्रत्येक कार्यवाही सावधानी पूर्वक करें।