मोदी कैबिनेट ने दी ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ प्रस्ताव को मंजूरी
नई दिल्ली, 18 सितंबर। मोदी कैबिनेट ने आज बुधवार को ‘एक देश, एक चुनाव’ पर रामनाथ कोविंद कमेटी की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। ज्ञात हो कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन‘ को अमल में लाने से पहले कई कानूनों और संविधान में भी संशोधन करने की जरूरत पड़ेगी, लिहाजा सरकार इस संबंध में एक बिल संसद में लाएगी। इस बिल के जरिए संविधान संशोधन होगा और राज्यों का अनुमोदन भी लिया जाएगा। यह बिल आगामी शीतकालीन सत्र में आ सकता है। हालांकि सरकार के सूत्रों का कहना है कि इतनी जल्दी बिल लाने को लेकर सरकार पर कोई दवाब नहीं है।
गौरतलब है कि रामनाथ कोविंद की कमेटी की रिपोर्ट पर देशभर में चर्चा होगी, प्रजेंटेशन, संगोष्ठियां होंगी। इसके हितधारक, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से चर्चा होगाी। सरकार इसको लेकर आम राय बनाने की कोशिश करेगी। जिसे अग्नि परीक्षा कहा जा सकता है। जनता को बताया जाएगा कि कैसे बार-बार चुनाव कराने से टैक्सपेयर के पैसे बर्बाद होते हैं। सरकारी कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को भी उनकी रोज की ड्यूटी के इतर चुनाव ड्यूटी में लगना पड़ता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार इस बिल को लागू करने को लेकर एक क्रियान्वयन समूह बनाएगी। इसमें कानून और चुनाव से जुड़े जानकार, कुछ वरिष्ठ मंत्री और वरिष्ठ राजनीतिज्ञ होंगे।
बिल के कानून बनने के बाद सभी चुनावों के लिए एक समान मतदाता सूची तैयार होगी। यह मतदाता पहचान पत्र निर्वाचन आयोग राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श के बाद तैयार किए जाएंगे। फिलहाल सवाल यह है कि क्या अगले लोकसभा चुनाव यानि 2029 से ये लागू होगा? क्या 2029 में लोकसभा के साथ सभी विधानसभाओं के भी चुनाव होंगें? ओडिशा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश जैसे कुछ राज्य हैं, जहां लोकसभा के साथ ही विधानसभा के भी चुनाव होते हैं। उसके अलावा झारखंड, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश राजस्थान, तेलंगाना, मिजोरम, छत्तीसगढ़, हरियाणा जैसे भी राज्य हैं, जहां विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के 5-6 महीना पहले या बाद में होते है. तो इन राज्यों के चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी।