गौ आधारित कृषि के प्रणेता हैं भगवान बलराम
भगवान श्री बलराम की जयंती किसान दिवस के रूप में देशभर में मनाई जा रही है। भगवान बलराम के जीवन चरित्र पर ग्रंथों में विस्तृत वर्णन है। गर्ग संहिता के अनुसार देवक्या: सप्तमें गर्भे हर्षशोक विवर्धने। वज्रं प्रणीत रोहिण्यामनन्ते योगमाया।। अहोगर्भ: व्क विगत इत्यूचुर्माथुरा जना:। कृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म भाद्रमास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को ब्रज (गोकुल) में वसुदेव की प्रथम पत्नी रोहिणी के गर्भ से हुआ। आज जब पूरी दुनिया में पर्यावरण अनुकूल कृषि के समाधान खोजे जा रहे हैं तब भगवान बलराम का जीवन दर्शन कृषि व उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए मार्गदर्शक हैं। भगवान बलराम हलधर , गोकुलेश, गोपति, गेपवृंदेश आदि नाम से संबोधित किए जाते हैं। सनातन संस्कृति से जुड़े बहुत से देवी-देवता जहां संहार करने वाले अस्त्र धारण करते हैं वहीं कृषकों के देवता बलराम हल और मूसल धारण करते हैं।