20 लोगों के साथ कोई पार्टी नहीं तोड़ सकते : गहलोत
जयपुर, 14 जुलाई। राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत कर कहा कि हाईकमान सहित किसी को भी खुशी नहीं है कि मंत्री मंडल से इन तीन लोगों को बर्खास्त किया गया है। लेकिन सभी प्रयासों के बाद वे नहीं लौटे। गहलोत ने कहा मजबूर होकर तीन साथियों को उनके पदों से हटाया गया है। आज हम कोरोना से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य को कोरोना काल में भी बेहतर सुविधा पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे वक्त में किसी की सरकार गिराने की हिम्मत होना दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन उनका पिछले 6 महीनों से रवैया जो रहा, वह सभी को पता है। रोज ट्विट करते हैं। कांग्रेस का कोई एमएलए ऐसी बात नहीं कर सकता है कि फ्लोर टैस्ट करवाओ। वो कह सकते थे कि हमारा मुख्यमंत्री में विश्वास नहीं है, तो वे विधायक दल की बैठक बुलाते, वहां अपनी इस बात को रखते। लेकिन ये क्या बात हुई कि वे कह रहे हैं कि विधायक उन्हें मांग कर रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि वे बीजेपी के सहयोग से सरकार गिराने का प्रयास कर रहे हैं।
जब कोई मंत्रीमंडल का गठन होता है, को कोई बॉस नहीं होता है, मैंने उन्हें अपने साथी की तरह ट्रीट किया है। मंत्रीमंडल के हर मंत्री का कर्तव्य होता है कि वह पूरी एकजुटता के साथ काम करें। उनकी तरह से क्षेत्र में कार्य के लिए जब जो-जो डिमांड आयी मैंने पूरी की, भले ही कॉलेज खोलना हो या अन्य।
गहलोत ने कहा कि आज के फैसले से हमें खुशी नहीं है, न ही हाईकमान खुश है। पहले बीजेपी के साथ सौदा करने की बात चलेंगी। अब नयी पार्टी बना लेंगे। कानून में लिखा है कि दो तिहाई समर्थन हो तो पार्टी तोड़ सकते हैं। 20 लोगों से पार्टी नहीं तोड़ सकते हैं। कांग्रेस के 107 विधायक मेरे साथ हैं। कानून में यह स्पष्ट है कि जो पार्टी के खिलाफ जाता है, उसकी सदस्यता खत्म हो जाती है।