कोरोना से जुड़े मुद्दे पर केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं – भाजपा

नई दिल्ली, 25 मई। कोरोना महामारी से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की फेल स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण बढ़ती कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को लेकर दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी व रोहिणी से भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आज प्रदेश कार्यालय प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर करावल नगर विधायक मोहन सिंह बिष्ट, दिल्ली भाजपा प्रदेश मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।
भाजपा ने कहा है कि जब दिल्ली में 525 कोरोना मरीज थे तब दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के पास 2950 बेड की उपलब्धता थी, 20 मई को हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार ने बताया कि उनके पास 3150 बेड है और केजरीवाल कह रहे हैं कि उनके पास 4500 बेड हैं, अब दिल्ली सरकार बताएं कि कौन सा आंकड़ा सही है। 7 अप्रैल से आज तक कोरोना मरीजों की संख्या 27 गुना ज्यादा बढ़ गई है। लेकिन उनके लिए बेड नहीं बढ़े।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में कोरोना वायरस के कुल 7006 एक्टिव मामले हैं, जिनमें से कोविड अस्पतालों में कुल 2269, कोविड हेल्थ सेंटर में 116, केयर सेंटर में 483, होम आइसोलेशन में 3621 लेकिन इन आंकड़ों में 717 मरीजों की जानकारी शामिल नहीं है। यह बहुत ही चिंता का विषय है कि कंटेनमेंट जोन में भी अधिकांश ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर बड़ी आबादी रहती है जिसका मतलब यह है कि दिल्ली कोरोना संक्रमण के कम्युनिटी स्प्रेड की ओर जा रहा है और दिल्ली सरकार की लापरवाही कम्युनिटी स्प्रेड को बढ़ा रही है।
दिल्ली में औसतन प्रतिदिन लगभग 550 कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं लेकिन ठीक होनेवालों का औसत 100 मरीज प्रतिदिन है। दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को छिपाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने 117 प्राइवेट अस्पतालों के लिए तुगलकी फरमान जारी कर दिया कि वह कोरोना मरीजों के लिए कम से कम 20 फीसदी बेड जरूर रखे बिना देखे कि वह कोरोना वार्ड बन सकता है या नहीं। संकट के समय में मेरा दिल्ली सरकार से आग्रह है कि कोरोना वायरस मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा बेड और टेस्टिंग के सुविधा सुनिश्चित करें।