बाबरी ढांचे के विध्वंस की सुनवाई 31 अगस्त तक पूरी हो – सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली, 8 मई। सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या में 1992 राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवादित ढांचा गिराये जाने की घटना से संबंधित मुकदमे की सुनवाई पूरी करने के लिये शुक्रवार को विशेष अदालत का कार्यकाल तीन महीने बढ़ा दिया। बता दें कि इस मामले में बीजेपी नेता एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी सहित कई नेताओं के खिलाफ ट्रायल चल रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बयान दर्ज किया जाए। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में 19 अप्रैल 2017 को कहा था कि विशेष जज दो साल के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करें और जज का स्थानांतरित न किया जाए।
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीष रोहिंटन नरीमन की अगुवाई वाली बेंच ने स्पेशल जज से कहा कि वह विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बयान दर्ज करा सकते हैं और ये सुनिश्चित करने को कहा है कि सुनवाई अगस्त 31 तक पूरी हो जाए। बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले का ट्रायल अगस्त तक पूरा करने की डेडलाइन सुप्रीम कोर्ट ने तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी विध्वंस मामले की सुनवाई करने वाले स्पेशल जज एसके यादव से कहा है कि वह 31 अगस्त तक मामले का ट्रायल पूरा करें। पहले स्पेशल जज को 30 अप्रैल तक ट्रायल पूरा करने को कहा था।
गौरतलब है कि विशेष न्यायाधीश ने पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि ट्रायल पूरा करने के लिए समयसीमा बढाई जानी चाहिए। तब सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने के लिए अवधि बढ़ा दी है और कोर्ट ने कहा है कि कोशिश होनी चाहिए कि 31 अगस्त तक सुनवाई पूरी हो जाए। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 19 जुलाई को आदेश दिया था कि छह महीने में बयान दर्ज होना चाहिए। हालांकि अभी तक बयान दर्ज नहीं हो पाया है।