शिक्षा पर काम कम लेकिन शिक्षा बजट में घोटाला अधिक – मीनाक्षी लेखी
नई दिल्ली, 16 जनवरी। भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद मीनाक्षी लेखी ने आज एक पत्रकार वार्ता में कहा कि आज फिर केजरीवाल अरविन्द केजरीवाल सरकार का महिला विरोधी चेहरा दिल्ली की जनता के सामने आया है। आज दिल्ली के एक न्यायलय में निर्भया मामले के एक अभियुक्त द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने यह कहकर दिल्ली वालों को अंचभित कर दिया कि चूंकि एक अभियुक्त ने दया याचिका दाखिल की है तो बाकि किसी भी अभियुक्त को अब अभी फांसी नहीं दी जा सकती है।
पहले दिल्ली सरकार ने लम्बे समय तक निर्भया मामले के अभियुक्तों से जुड़ी फाईल दिल्ली सरकार ने लटका कर रखा और आज उसके वकील का कोर्ट में वक्तव्य ये दोनों ही इस मामले में अरविन्द केजरीवाल सरकार की संवेदनहीनता के प्रमाण है। केजरीवाल सरकार चाहे अनचाहे निर्भया के अभियुक्तों की सजा को टलवाने का प्रयास कर रही है। यह अरविन्द केजरीवाल सरकार के धोखे एवं कथनी और करनी का भी प्रमाण है।
दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसौदिया द्वारा आज एक पत्रकार वार्ता में दिल्ली को बेहतर शिक्षा देने के दावें पर कटाक्ष करते हुये श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने कहा कि शिक्षा को बेहतर करने पर काम कम हुआ है शिक्षा बजट में घोटाला अधिक हुआ है। 29 लाख में स्कूल का एक कमरा बनाने वाली केजरीवाल सरकार, अपने पांच साल के कार्यकाल में दिल्ली में मात्र 261 सरकारी स्कूलों में विज्ञान के लैब दे पाई है।
दिल्ली सरकार के 60 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में प्रिसिंपल नहीं है, शिक्षकों की कमी है। बजट तो दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बढ़ाया लेकिन उसका फायदा जनता की जगह आम आदमी पार्टी के वांलन्टियर को ज्यादा हुआ है। 2015 में सरकारी स्कूलों के नतीजे 95 प्रतिशत थे जो अब घटकर 71 प्रतिशत रह गया हैं। लेखी ने कहा कि स्कूलों के डिजीटाईजेशन की बात हुई पर धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। शिक्षा लोन एक तमाशा बन कर रह गया पूरे पांच साल में मात्र 30 -35 छात्रों को मिला।