बालश्रमिक मिलने पर नियोजक के विरूद्ध होगी दण्डात्मक कार्रवाई

जबलपुर, 5 अक्टूबर। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के संशोधित नियम 2017 के अंतर्गत गठित जिला टॉस्क फोर्स समिति और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना की बैठक सह कार्यशाला अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक/कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, सदस्य, पुलिस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विधि अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, चाइल्ड लाइन के सदस्यगण और शहर के विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बालश्रम उन्मूलन हेतु शहर में प्रत्येक सप्ताह सामूहिक अभियान चलाने और दोषी नियोजकों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही किए जाने का निर्णय लिया गया। संशोधित अधिनियम अनुसार बालश्रम पाए जाने पर बीस से पचास हजार रूपए अर्थदण्ड और दो वर्ष का कारावास प्रावधानित है। जिले को बालश्रम विमुक्त बनाए जाने हेतु अपर कलेक्टर द्वारा प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। सहायक श्रमायुक्त जबलपुर द्वारा सभी व्यापारियों तथा स्वैच्छिक संगठनों से अपील की गई है कि वे जबलपुर जिले को बालश्रम विमुक्त जिला बनाने में सहयोग प्रदान करें। बालश्रम पाए जाने पर पुलिस विभाग, श्रम विभाग, चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा भारत सरकार द्वारा तैयार पेंसिल पोर्टल www.pencil.gov.in में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।