मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आम बजट पेश, पेट्रोल-डीजल और सोने पर बढ़ी एक्साइज ड्यूटी

नई दिल्ली, 5 जुलाई । नरेन्द्र मोदी सरकार के इस दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री सीतारमन ने 2019-2020 का बजट पेश कर दिया है। इस बजट से अगले पांच साल के देश की अर्थव्यवस्था की दिशा और गति को तय करने के लिए महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की जा रही है। वित्त मंत्री सीतारमन ने कहा कि पांच साल पहले भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 1,850 अरब डॉलर था। अब यह 2,700 अरब डॉलर हो चुका है। अगले कुछ साल में अर्थव्यवस्था में 5,000 अरब डॉलर पर पहुंचने की क्षमता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की जनता ने जनादेश के माध्यम से हमारे देश के भविष्य के लिए अपने दो लक्ष्यों-‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि’’ पर मुहर लगायी है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष में 3,000 अरब डॉलर की हो जाएगी। 49 साल बाद आज बजट की कमान महिला के हाथ, इससे पहले 28 फरवरी 1970 को इंदिरा गांधी को यह मौका मिला था। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 1,25,000 किलोमीटर के रोड नेटवर्क को पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत अपग्रेड किया जाएगा। गांवों को बाजार से जोड़ने वाली सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए पीएम ग्राम सड़क योजना का तीसरा फेज शुरू होगा। तेजी से रेलवे में सुधार और यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत काम होगा
इस बार बजट की कॉपी कुछ अलग अंदाज में देखी गई। हर बार जहां यह बड़े ब्रीफकेस में होती थी, वहीं इसबार निर्मला इसे लाल रंग के मखमली कपड़े में लेकर मीडिया के सामने आईं। कपड़े के ऊपर भारत सरकार का चिह्न भी था।
इससे पहले वित्त मंत्री ने सरकार के मजबूत इरादों को बताने के लिए बजट भाषण में शायरी पढ़ी- ‘यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट भी लेकर चिराग जलता है।’ इसके साथ-साथ उन्होंने संस्कृत में चाणक्यनीति सूत्रम की सूक्ति पढ़ा- कार्यपुरुषारकरेन लक्ष्यं संपादयतेत। उन्होंने इसका मतलब भी बताया कि दृढ़ निश्चय से कार्य करें तो काम पूरा होता ही है।
सूक्ति और शायरी के ठीक बाद उन्होंने भारत को अगले कुछ सालों में 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के मोदी सरकार के लक्ष्य का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जब हम 2014 में सरकार में आए तो हमारी इकॉनमी करीब 1.85 ट्रिलियन डॉलर की थी, लेकिन 5 सालों में यह बढ़कर 2.7 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गई है। अगले कुछ सालों में 5 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य है।’

बजट कुछ इस तरह —-

– पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 1 रुपया बढ़ा, सोने पर ड्यूटी 10 से 12.5 फीसदी हुआ।
– वित्त मंत्री ने कहा- 45 लाख के घर पर अब 3.5 लाख रुपये ब्याज में छूट।
– जो लोग ऊंची आय वाले हैं 5 करोड़ से ऊपर सालाना आय वालों पर अब 7 फीसदी और 2 से 5 करोड़ की सालाना आय वालों पर 3 फीसदी और सरचार्ज।
-बैंक से एक करोड़ से ऊपर निकालने पर 2 फीसदी टीडीएस लगेगा।
– स्टार्ट अप कंपनियां अगर डॉक्यूमेंट जमा करती हैं तो उनको एंजेंल टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
– अब रिटर्न, पैन कार्ड न होने पर आधार कार्ड से भी भरा जा सकेगा।
– 45 लाख के घर पर अब 3.5 लाख रुपये ब्याज में छूट. इससे पहले 2 लाख थी।
– इलेक्ट्रानिक गाड़ी बनाने पर अब 1.50 लाख तक की छूट।
– इलेक्ट्रानिक गाड़ियों पर जीएसटी 12 से 5 फीसदी।
-सालाना 5 लाख रुपये से कम आय वालों पर कोई टैक्स नहीं।
– 400 करोड़ तक की कंपनी पर 25 फीसदी तक का टैक्स का प्रस्ताव।
– मैं आयकर दाताओं को धन्यवाद देती हूं. करदाताओं के पैसे से ही देश का विकास. डायरेक्ट टैक्स में बढ़ोत्तरी हुई है. पांच साल में 78 फीसदी प्रत्यक्ष टैक्स बढ़ा है।
-1,2,5,10,20 रुपये के सिक्के जारी किए गए हैं. इनको जल्द ही जनता के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।
– भारत का कर्ज जीडीपी से 5 फीसदी से कम भी है।
– एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश का प्रस्ताव.दूसरी कंपनियों में भी निजी पूंजी को न्यौता. इस साल 105000 करोड़ रुपये विनिवेश का लक्ष्य।
– रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए व्यापक कार्यक्रम चलाए जाएगा।
– हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अब आरबीआई के नियंत्रण में रहेगी।
– सरकारी बैंकों का सफल पुनर्गठन किया जाएगा. सरकारी बैंकों को लोन के लिए 70 हजार करोड़ दिया जाएगा।
– कमर्शियल बैंकों का एनपीए 1 लाख करोड़ कम हुआ है. डोमेस्टिक क्रेडिट ग्रोथ 13 फीसदी तक बढ़ी है।
– 17 आइकॉनिक सैलानी जगहों का विकास किया जाएगा।
– इस साल 4 और दूतावास खोले जाएंगे. दुनिया में अपनी और पहुंच बढ़ाए जाने के कदम उठाए जाएंगे।
– भारतीय पासपोर्ट वाले एनआरआई को मिलेगा आधार कार्ड।
– असंगठित क्षेत्र के कामगारों को लिए पेंशन दी जाएगी।
– ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी एक सुनहरी कहानी है. नारी टू नारायणी हमारा मंत्र है. हमारी योजनाओं से महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिला है. एसएचजी से जुड़ी महिला को 5 हजार का ओवर ड्राफ्ट दिया जाएगा।
– 35 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे गए. 18341 करोड़ की बिजली बचाए गए।
– सरकार श्रम कानूनों को दुरुस्त करेगी इसमें सुधार का प्रस्ताव. 4 नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. स्टार्ट अप के लिए दूरदर्शन में कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।
– खेलो इंंडिया योजना के लिए नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड बनाया जाएगा ताकि खेलों को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
– 2 आईआईटी और 1 आईआईएम दुनिया के 200 शीर्ष संस्थानों में शामिल हुए हैं. अब हम विदेशी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आकर्षित करेंगे. स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत होगी. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा।
– स्कूल और कॉलेज स्तर बनाया जाएगा. नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाया जाएगा. सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आएगी।सभी मंत्रालयों का फंड एनआरएफ से जुड़ेगा।
– राजघाट पर राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र बनाया जाएगा।
– 95 फीसदी शहर खुले में शौच से मुक्त हुए हैं. 47 लाख शहरी घरों का निर्माण शुरू हो गया है. भारत में तेज शहरीकरण एक अवसर है।
– 2 करोड़ ग्रामीण डिजिटल साक्षर बनाए गए. डिजिटल साक्षरता को और बढ़ाया जाएगा।
– स्वच्छ भारत अभियान ने देश की चेतना को छुआ है. 5.6 लाख गांव खुले में शौच से मुक्त हुए हैं. 1 करोड़ लोगों ने स्वच्छता ऐप लांच किया है।
– 2022 तक जल जीवन मिशन में हर घर में जल पहुंचाने का लक्ष्य।
-हजार दिन में रोज 135 किमी सड़क बनाई जाए।
-जीरो बजट खेती की ओर लौटने का लक्ष्य।
-एविएशन, मीडिया, एनिमेशन, एवीजीसी और इंश्योरेंस में 100 फीसदी एफडीआई के बारे में विचार किया जाएगा.
– एक लाख किमी तक सड़कों को बेहतर किया जाएगा।
– इसरो के लिए नई कंपनी-न्यू इंडिया स्पेस लिमिटेड
– अंतरिक्ष में भारत की क्षमता बढ़ाने पर जोर है।
– मछली उद्योग ग्रामीण भारत के लिए अहम है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में ग्रीन तकनीकी।
– उज्जवला योजना की वजह से देश की महिलाओं को धुएं से छुटकारा मिला है, हमने महिलाओं के सम्मान के लिए शौचालय बनवाएं ।
– पीएम आवास योजना के तहत 1.5 करोड़ घर बनाए गए. अगले दो साल 1.95 करोड़ घर बनाने की योजना
-गांव, गरीब और किसान हर कार्यक्रम के केंद्र बिंदु. 2022 तक हर ग्रामीण के घर में बिजली पहुंच जाएगी।
– हमारी अर्थव्यवस्था 2014 में 1.85 खरब डॉलर से 2.7 खरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंची, हम अगले कुछ वर्षों में बहुत अच्छी तरह से 5 खरब डॉलर तक पहुँच सकते हैं।
-PSU की जमीनों पर सस्ती हाउसिंग योजना का प्रस्ताव
– NRI के लिए विदेशी निवेश पोर्टफोलियो।
-रेलवे में पीपीपी मॉडल के लिए विकास पर जोर।
– बीमा मध्यस्थों के लिए 100 फीसदी विदेशी निवेश. हम भारत में और विदेश निवेश को बढ़ावा देंगे।
– नई योजनाएं व्यापार को और बढ़ावा देंगी. भारत में अभी तक मजबूत विदेशी निवेश रहा है।
– सामाजिक संस्थाओं के भी स्टॉक एक्सचेंज में जगह. सोशल स्टॉक एक्सचेंज बनाया जाएगा।
– बाहरी निवेशकों के लिए आसान KYC बनाया जाने का प्रस्ताव।
– हमारी कोशिश है कि बिना किसी अड़चन के निवेश का बढ़ावा दिया जाए।
-MSME के ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा।
– तीन करोड़ का दुकानदारों को पेंशन दी जाएगी. लघु एवं उद्योगों के लिए तुरंत लोन देने की भी नीति
– रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए भी नीति. 2020 में जलमार्ग के दो और टर्मिनल बनाने की तैयारी
– बुनियादी ढांचें में बड़ा निवेश की जरूरत है. हर साल 20 लाख करोड़ निवेश की जरूरत
-बिजली के लिए वन नेशन, वन ग्रिड की बात शुरू की गई है।
– देश में लाइसेंस राज खत्म हो गया है. केंद्रीय बजट 2019 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जीएसटी-पंजीकृत एमएसएमई के लिए आवंटित 350 करोड़ हैं।
– इलेक्ट्रिक वाहनों पर अब सरकार का जोर है. तीन साल में 10 हजार करोड़ खर्च किया जाएगा.
-शहरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बीच खाई कम हुई है।
– 300 किलोमीटर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई. जलमार्ग प्रोजेक्ट से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
-पीएम ग्राम सड़क योजना से कनेक्टिविटी बढ़ी मिली है. भारत माला, सागर माला परियोजनाओं, उड़ान योजनाओं के जरिए भौतिक संबंद्धता को बढ़ावा मिला है।
– रोजगार बढ़ाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है। भारतीय उद्योग अब रोजगार पैदा कर रहे हैं. हमने अपनी योजनाओं को लागू किया है.
– बड़े सुधारों से आम आदमी की सेवा की जा रही है।
– मुद्रा योजना से आम आदमी की हालत में बदलाव किया है।
– इसी साल 3 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था हो जाएगी।
– प्रदूषण रहित भारत बनाने की कोशिश है।
– 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है।