हरियाली और बेहतर पर्यावरण जबलपुर की पहचान – संभागायुक्त राजेश बहुगुणा

जबलपुर, 19 जून । संभागायुक्त राजेश बहुगुणा ने कहा है कि हरियाली, खुलापन और बेहतर पर्यावरण जबलपुर की पहचान रही है । इसे वृहद स्तर पर वृक्षारोपण और जल संरक्षण-संवर्धन द्वारा पुन: हासिल करना है और संजो कर रखना है ।

संभागायुक्त श्री बहुगुणा मानस भवन सभागार में आयोजित वृक्षारोपण-पौधारोपण कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे । कार्यशाला में मुख्य वन संरक्षक, कलेक्टर भरत यादव, वनमंडलाधिकारी, राज्य वन अनुसंधान संस्थान के संचालक, जिला पंचायत जबलपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रजनी सिंह, अपर कलेक्टर राहुल फटिंग, अपर कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना, जिले में वृक्षारोपण और जल संरक्षण के लिये सक्रिय एजियों, सामाजिक संस्थाओं, शासकीय एवं निजी शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी कार्यकर्त्ता, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे ।
संभागायुक्त ने अपने उद्बोधन में कहा कि वृक्षारोपण कर शहर और पूरे जिले को हरा-भरा बनाने का जोश और जरूरत हर व्यक्ति और बच्चे के मन में लानी है । इस कार्य की निरन्तरता की आवश्यकता हर व्यक्ति को जाननी होगी ।
संभागायुक्त ने कहा कि नेशनल हाइवे के दोनों ओर बड़े वृक्षों का होना जरूरी है । इसके लिये नेशनल हाइवे के स्टेट क्वार्डिनेटर से चर्चा की गयी है । बड़े वृक्ष छाया के साथ पर्यावरण को बेहतर बनाते है । उन्होंने कहा मदन महल पहाड़ियों में सघन वृक्षों का अस्तित्व शहर के लिए फेफड़ों का काम करेगा । नगर निगम द्वारा वृहद वृक्षारोपण की योजना सराहनीय है । उन्होंने कहा कि हम सभी को बच्चों के भविष्य, समाज और राष्ट्र के लिये किये गये कार्यों का मूल्यांकन स्वयं करना चाहिये ।
कलेक्टर भरत यादव ने कहा कि आज जिले में सामाजिक संस्थाओं, एंजियो द्वारा वृक्षारोपण के लिये सराहनीय कार्य किया जा रहा है । आगे भी समन्वय और सकारात्मकता के साथ कार्य करने की जरूरत है । जिला प्रशासन का वृक्षारोपण-जल संरक्षण के लिये पूरा सहयोग मिलेगा । ऑनलाइन कामन प्लेटफार्म बनाया जा रहा है । जिसमें कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत की वेबसाइट को लिंक किया जाएगा । लोग वृक्षारोपण के लिये पंजीयन करा सकेंगे । उन्हें यह जानकारी मिल पायेगी कि कहां और कब वे पौधारोपण कर सकते हैं ।
कलेक्टर ने कहा कि सभी शासकीय कार्यालय भवनों में वाटर हारवेस्टिंग के लिये निर्देश जारी होंगे । मदन महल पहाड़ियों में वैज्ञानिक ढंग से वृक्षारोपण तथा जैव विविधता के साथ उपयुक्त प्रजाति के वृक्षों के पौधों का रोपण होगा ।
मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि वृहद वृक्षारोपण के लिये वन विभाग द्वारा पूरी तैयारी कर ली गयी है । वन नर्सरी में पौधे तैयार कर लिए गये हैं । हर जिले को 20 हजार पौधे नि:शुल्क दिये जा रहे हैं । पौधारोपण के लिये संस्थायें पौधे खरीद सकती हैं । उन्होंने पौधारोपण के लिए गड्ढ़ा खनन, खाद का उपयोग तथा सिंचाई के वैज्ञानिक तरीके से अवगत कराया । उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ जल संरक्षण-संवर्धन के लिये परकुलेशन टैंक, चेकडेम, बोरी बंधान आदि पानी रोकने के कार्य भी होने चाहिये । वनमंडलाधिकारी ने वृक्षारोपण के लिये वन विभाग की योजना की जानकारी दी । किसानों को बांस रोपण के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है । इस योजना में अनुदान भी है । बांस का पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक उपयोग भी है । उन्होंने बताया कि वृक्ष जल ग्रहण की क्षमता को प्रभावित करते हैं । ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में सहायक हैं । तापमान स्तर को कम कर अनेक बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है ।
डॉ. जितेन्द्र जामदार ने कहा कि नर्मदा जी की कृपा के कारण जबलपुर में जल की कमी नहीं है । लेकिन वृक्षों की संख्या में लगातार हो रही कमी के कारण नर्मदा नदी का प्रवाह कम होता जा रहा है । उन्होंने कहा पौधारोपण के बाद पौधे की बच्चे की तरह परवरिश की जरूरत होती है । पौधा फेंसिंग, ट्री गार्ड से सुरक्षित रहे, उसे लगातार पानी मिलता रहे तो वह वृक्ष बन जायेगा । वैज्ञानिक ढंग से गड्ढ़ा बनाना, खाद का उपयोग यह सब तकनीकी ज्ञान का प्रचार-प्रसार जरूरी है । उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक संख्या में वृक्ष लगाने, नेशनल हाइवे के दोनों तरफ वृक्ष लगाने की जरूरत रेखांकित की । उन्होंने कदम तथा नमामि देवि नर्मदे मिशन के वृक्षारोपण के लिये किये गये कार्य का उल्लेख किया ।
संस्कार कावड़ी यात्रा के प्रतिनिधि सदस्य ने बताया कि कावड़ियों द्वारा 35 किलोमीटर दूर कैलाशधाम मंदिर से लगी पहाड़ी में वृक्षारोपण कर उसे हरा-भरा कर दिया गया है । इन भक्तों ने अपने घर-खेतों में भी 25 हजार से अधिक वृक्ष लगाये हैं । इस वर्ष भी बड़ी संख्या में पौधे रोपे जायेंगे । वृक्षारोपण को आस्था से जोड़ा गया है । रोटरी क्लब के वैभव शुक्ला, पत्रकार प्रभाकर मिश्रा, राष्ट्रीय सेवा योजना के डॉ. राणा और वृक्षारोपण से जुड़ी संस्थाओं ने वृक्षारोपण के लिये अपनी तैयारियों की जानकारी दी ।