टीबी, एचआईवी व हेपेटाइटिस की जांच की सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद तक उपलब्ध होगी

जयपुर,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने प्रदेश में टीबी रोगियों के चिन्हीकरण के साथ ही शत प्रतिशत टीबी रोगियों को उपचार सुलभ कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में टीबी रोगियों को भर्ती कर उपचार की स्थिति में अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
डॉ शर्मा शुक्रवार को केंद्रीय संयुक्त सचिव स्वास्थ्य श्री विकास शील व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने टीबी रोगियों को समय पर दवा दिया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी के साथ ही एचआईवी व हेपेटाइटिस की जांच की सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह तीनों टेस्ट एक ही छत के नीचे करने की व्यवस्था के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक प्रयोगशाला सहायकों को टीबी मरीजो की जांच व तथ्यों को सही ढंग से संधारित करने के लिए टेब उपलब्ध कराए जाएंगे।उन्होंने राज्य स्तरीय टीबी नियंत्रण ईकाई के रिक्त पदों को तत्काल भरने के निर्देश दिए।
डेंटिस्ट के पास आते ही काउंसिलिंग
डॉ शर्मा ने डेंटल क्लिनिक्स पर तम्बाकू नियंत्रण गतिविधयां आयोजित करने के निर्देश दिए। तम्बाकू का उपयोग करने वालो की डेंटिस्ट के पास आते ही काउंसिलिंग की जाए और उन्हें तम्बाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। इस कार्य मे समाज सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।
श्री शील ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से निजी चिकित्सको की भी टीबी नियंत्रण गतिविधिया आयोजित की जाएगी। उन्होंने टीबी की रोकथाम के लिये बच्चों का शतप्रतिशत टीकाकरण करवाने के साथ ही रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए उचित पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्हें प्रदेश में संचालित तम्बाकू नियंत्रण गतिविधियों की सराहना की।
एक ही छत के नीचे हो लेब
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त निदेशक डॉ संध्या काबरा ने मरीजो की जांच के नमूने एक ही स्थान पर एकत्रित करने के साथ ही एक ही छत के नीचे लेब की व्यवस्था करने का आग्रह किया। इससे कम मैनपावर से अधिक जांचे की जा सकती है व मरीजों को भी सुविधा मिलेगी।
बैठक में एमडी एनएचएम डॉ समित शर्मा, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ वी के माथुर , राजय क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ सहित संबंधित अधिकारी गण मौजूद थे।